CG Vyapam GK Information - सीजी व्यापमं सामान्य अध्ययन

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CG Vyapam GK Information : सीजी व्यापमं सामान्य अध्ययन


जंतु विज्ञान में चींटियों के अध्ययन को महत्व क्यों दिया जाता है ?




  • कीटों को दुनिया में अपने दिशा-ज्ञान की क्षमता के कारण सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। चींटियां बहुत बड़ी संख्या में में एक साथ रहती हैं और उन्हें भोजन की तलाश करने तथा भोजन को अपने बिल तक लाना होता है। एक शोध के अनुसार छोटे आकार होने के बावजूद उनका दिमाग तेजी से काम करता है, वे अपने घर के रास्ते के लैंडमार्क के बारे में जानकारी को अपने छोटे से दिमाग में एकत्रित करते हुए चलते हुए है। जब वे अपना रास्ता भटक जाते हैं तो इन विजुअल संकेतों के जरिये रास्ता पहचान लेती हैं। इस कार्य में अपने आसपास के दृश्य से मदद लेती है। वे सूरज की दिशा से भी सहायता लेती है।


 

सन् 2022 में होगा नये तारे का जन्म




  • ब्रह्मांड में दो सूर्यों के आपस में मिलने की असाधारण घटना के 18 सौ साल बाद सन् 2022 में एक नए तारे का जन्म होगा, स्टार बूम कही जाने वाली ऐसी दुर्लभ एवं अविश्वसनीय घटनाएं आम तौर पर दूरबीन के माध्यम से दिखायी देती हैं, वहीं इसे नंगी आंखों से भी देखा जा सकेगा। असल में दोनों ही तारे आपसी मिलन से पहले काफी कम चमकीले थे, इसके बाद निर्मित होने वाला रेड नोवा काफी चमक वाला होगा, मिशिगन के केल्विन कॉलेज में रिसर्च एवं स्कॉलरशिप के डीन डा. मैट वालहाउट के अनुसार इतिहास में यह घटना पहली बार हो रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बूम स्टार की चमक लगभग छह माह तक रहेगी, इसके बाद वह धीरे-धीरे मध्यम होना शुरु हो जाएगा और दो तीन सालों में अपनी सामान्य अवस्था में पहुंच जाएगा। यह पहला मौका है जब वैज्ञानिक नए तारे के जन्म की भविष्यवाणी कर रहे हैं, ब्रिटेन के खगोलविदों के अनुसार इस दिलचस्प और महत्वपूर्ण घटना को रिकार्ड करने की विज्ञान जगत में होड़ लगी हुई है।


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  • वैज्ञानिकों ने खोजा दुनिया का सबसे उष्मा प्रतिरोधी पदार्थ




    • वैज्ञानिकों ने ऐसे पदार्थों की पहचान कर ली है, जो लगभग 4000 डिग्री सेल्सियस के तापमान को सहन कर सकते हैं। यह खोज बेहद तेज हाइपरसोनिक अंतरिक्ष वाहनों के लिए बेहतर ऊष्मा प्रतिरोधी कवच बनाने का रास्ता खोल सकती है। ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने खोज की है कि हैफ्नियम कार्बाइड का गलनांक अब तक दर्ज किसी भी पदार्थ के गलनांक से ज्यादा है। टैंटेलम कार्बाइड और हैफ्नियम कार्बाइड 'रीफ्रेक्ट्री सीरेमिक्स' हैं, इसका अर्थ यह है कि ये असाधारण रूप से ऊष्मा के प्रतिरोधी हैं। अत्यधिक ऊष्मा को सहन कर सकने की इनकी क्षमता का अर्थ यह है कि इनका इस्तेमाल तेज गति के वाहनों में ऊष्मीय सुरक्षा प्रणाली में और परमाणु रिएक्टर के बेहद गर्म पर्यावरण में ईंधन के आवरण के रूप में किया जा सकता है। इन दोनों ही यौगिकों के गलनांक के परीक्षण प्रयोगशाला में करने के लिए प्रौद्योगिकी उपलब्ध नहीं थी। ऐसे परीक्षण से यह देखा जा सकता है कि ये कितने अधिक गर्म पर्यावरण में काम कर सकते हैं। शोधकर्ताओं ने इन दोनों यौगिकों की गर्मी सहन कर सकने की क्षमता के परीक्षण के लिए लेजर का इस्तेमाल करके तेज गर्मी पैदा करने वाली एक नई प्रौद्योगिकी विकसित की है। उन्होंने पाया कि यदि इन दोनों यौगिकों को मिश्रित कर दिया जाए तो उनका गलनांक 3905 डिग्री सेल्सियस था। लेकिन दोनों यौगिकों को अलग-अलग गर्म किए जाने पर उनके गलनांक अब तक ज्ञात पदार्थों के गलनांक से ज्यादा पाए गए। टैंटेलम कार्बाइड 3768 डिग्री सेल्सियस पर गल गया जबकि हैफ्नियम कार्बाइड का गलनांक 3958 डिग्री सेल्सियस था। ये निष्कर्ष नई पीढ़ी के हाइपरसोनिक वाहनों, यानी अब तक के सबसे तेज अंतरिक्षयानों के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकता है।




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